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सभी नामों की स्थिति एक जैसी नहीं
दिल्ली: दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों और कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एक वायरल पोस्ट में उमर खालिद, सौरव दास, आशुतोष रांका, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के नाम के साथ ‘ARRESTED’ लिखा गया है, जबकि ध्रुव राठी के नाम के आगे ‘PENDING’ लिखा गया है। पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखी टिप्पणी की गई है।
हालांकि, पोस्ट में सभी व्यक्तियों की स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए सूची को सभी की मौजूदा गिरफ्तारी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। उमर खालिद से ध्रुव राठी तक, सोशल मीडिया पोस्ट में गिरफ्तारी की सूची वायरल; अमित शाह पर भी निशाना नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। देश की राजनीति में विरोध प्रदर्शनों और नेताओं की हिरासत को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें उमर खालिद, सौरव दास, आशुतोष रांका, अभिजीत दिपके और नेहा बोरा के नाम के आगे ‘ARRESTED’ लिखा गया है, जबकि यूट्यूबर ध्रुव राठी के नाम के आगे ‘PENDING’ दर्ज है। पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणी की गई है।
पोस्ट में अमित शाह पर साधा गया निशाना
वायरल पोस्ट में ‘DON’T MESS WITH AMIT SHAH’ लिखते हुए आरोप लगाया गया है कि सरकार अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए विरोधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा गया है। हालांकि, ये पोस्ट में व्यक्त किए गए राजनीतिक आरोप हैं, स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं।
सभी नामों की स्थिति एक जैसी नहीं
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था, लेकिन 17 अक्टूबर को उन्हें शर्तों के साथ जमानत मिलने की खबर सामने आई। नेहा बोरा को भी हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया।उमर खालिद एक अलग मामले में लंबे समय से जेल में हैं। वहीं, ध्रुव राठी को लेकर गिरफ्तारी की अफवाहों पर नोएडा पुलिस ने स्पष्ट किया कि उन्हें नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
सोशल मीडिया दावों की पुष्टि जरूरी
इस पोस्ट में गिरफ्तारी और लंबित कार्रवाई को एक ही सूची में दिखाया गया है, लेकिन अलग-अलग लोगों की कानूनी स्थिति अलग है। ऐसे में वायरल पोस्ट को मौजूदा स्थिति की पूरी और सटीक जानकारी मानना सही नहीं होगा। संबंधित मामलों में पुलिस और अदालतों की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।
जनता से रिश्ता इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। यह जानकारी जनस्रोतों और सोशल मीडिया माध्यमों से प्राप्त हुई है।
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